नरेश भारद्वाज
जालंधर। डीआईजी सतिंदर सिंह के गनर की हत्या की कोशिश की गई है। कॉन्स्टेबल ने कहा- दोस्त के लिए कार देखने जा रहे थेः जमालपुर स्थित पुलिस कॉलोनी के रहने वाले कॉन्स्टेबल गगनदीप सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में कहा कि 13 नवंबर को दिन का काम खत्म करने के बाद वह अपने दोस्तों प्रताप सिंह (गांव कडियाना), जसप्रीत सिंह उर्फ हैप्पी (गांव खासी खुर्द) और तुषार के साथ स्विफ्ट कार में शहीद भगत सिंह नगर (नवांशहर) के साथ लगते बलाचौर जाने के लिए निकले थे। उसका दोस्त प्रताप सिंह एक पुरानी कार खरीदना चाहता था और वे उसे देखने के लिए बलाचौर जा रहे थे।
कॉन्स्टेबल की कार दूध के डिब्बों से टच हुई: कॉन्स्टेबल ने आगे बताया कि जब वे मत्तेवाड़ा में गढ़ी फजल रोड पर पहुंचे तो कार सिमरनजीत सिंह की बाइक से छू गई, जिस पर दूध के एल्यूमीनियम के डिब्बे लदे हुए थे। वह सामने से आ रहा था। यह देखकर सिमरनजीत सिंह ने उन्हें गाली देना शुरू कर दिया और अपने पिता और साथियों को बुला लिया।
पिता को बुलाया, दोस्तों को भी पीटा: कॉन्स्टेबल ने आरोप लगाया कि धारदार हथियारों से लैस आरोपियों ने उस पर हमला कर दिया। आरोपियों ने एल्यूमीनियम के दूध के डिब्बों से उस पर हमला किया। जब कॉन्स्टेबल के दोस्तों ने बचाने की कोशिश की तो उनके साथ भी मारपीट की गई। इसके बाद वह कॉन्स्टेबल को घायल हालत में छोड़कर फरार हो गए। उसे तुरंत सिविल अस्पताल ले जाया गया।
7 दिन बेहोश रहा, फिर पुलिस ने बयान लिए: कॉन्स्टेबल की
गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे एक न्यूरो अस्पताल में रेफर कर दिया। उसके सिर और रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोट लगी थी। इस वजह से वह प्राइवेट अस्पताल में करीब 7 दिन तक बेहोश पड़ा रहा।

