नरेश भारद्वाज
जालंधर। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) से जुड़े एक पुराने मामले में पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता कैप्टन अमरिंदर सिंह को तलब किया है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, जालंधर स्थित ईडी कार्यालय ने उन्हें 12 फरवरी 2026 को पेश होने के लिए समन जारी किया है। यह कार्रवाई चल रही जांच के तहत की गई है।
स्वास्थ्य कारणों से समय मांगा
सूत्रों का कहना है कि कैप्टन अमरिंदर सिंह ने अपनी मौजूदा स्वास्थ्य स्थिति का हवाला देते हुए पेशी के लिए अतिरिक्त समय की मांग की है। बताया जा रहा है कि वे मोहाली के एक निजी अस्पताल में घुटनों से जुड़ी समस्या का उपचार करा रहे हैं और चिकित्सकीय निगरानी में हैं। उनकी ओर से स्थगन का अनुरोध ईडी को भेजा गया है, जिस पर एजेंसी मेडिकल दस्तावेजों की समीक्षा के बाद निर्णय ले सकती है।
कैप्टन अमरिंदर सिंह पहले कांग्रेस सरकार में मुख्यमंत्री रहे। 2022 विधानसभा चुनाव से पहले उन्होंने पंजाब लोक कांग्रेस नाम से अलग दल बनाया था, लेकिन अपेक्षित सफलता नहीं मिलने पर वे भाजपा में शामिल हो गए। हालांकि, समय-समय पर उन्होंने पार्टी में अपनी भूमिका को लेकर असंतोष भी जाहिर किया है।
लंबे समय तक सार्वजनिक रूप से कम सक्रिय रहने के बाद हाल के सप्ताहों में कैप्टन अमरिंदर सिंह फिर से राजनीतिक विमर्श में दिखाई दिए हैं। उन्होंने मीडिया से बातचीत में शिरोमणि अकाली दल-भाजपा गठबंधन की संभावनाओं और पार्टी की आंतरिक कार्यप्रणाली पर अपने विचार रखे।
इसी बीच 2027 विधानसभा चुनाव से पहले उनके कांग्रेस में संभावित वापसी को लेकर भी राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हैं। हालांकि, इस संबंध में न तो उन्होंने और न ही किसी पार्टी ने आधिकारिक तौर पर कुछ स्पष्ट किया है।
ऐसे समय में ईडी का समन राज्य की राजनीति में नई हलचल पैदा कर रहा है। राजनीतिक दलों और विश्लेषकों की नजर अब इस पूरे घटनाक्रम पर टिकी हुई है, क्योंकि इसे पंजाब की बदलती सियासी तस्वीर से जोड़कर देखा जा रहा है।
परिवार से जुड़े मामले की कड़ी…
सूत्रों के मुताबिक, यह जांच उनके पुत्र रणिंदर सिंह से जुड़े एक पुराने मामले से संबंधित बताई जा रही है। जांच एजेंसियों ने पहले कथित विदेशी फंड ट्रांसफर, ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड्स में जैकरांडा ट्रस्ट और उससे जुड़े संस्थानों के गठन के संबंध में पूछताछ की थी। मामले में स्विट्जरलैंड से जुड़े कुछ वित्तीय लेन-देन भी जांच के दायरे में बताए जाते हैं।
आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं…
अब तक कैप्टन अमरिंदर सिंह या ईडी की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। सूत्रों का कहना है कि एजेंसी कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई करेगी।

