पंजाब की राजनीति में उस वक्त हलचल मच गई जब आप विधायक रणवीर भुल्लर की पत्नी ने सार्वजनिक रूप से अपनी ही पार्टी की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि पार्टी में चापलूसी की संस्कृति हावी हो चुकी है, जिसके कारण जमीनी स्तर पर काम करने वाले ईमानदार और काबिल लोग आगे नहीं आ पा रहे।
भुल्लर की पत्नी डॉ अमनदीप कौर ने कहा कि मुझे भी 2027 में चुनाव लड़ने हैं और पार्टी ने अगर टिकट न दिया तो वह आजाद चुनाव लड़ सकती हैं।
उन्होंने कहा कि आम आदमीं पार्टी में फैसले योग्यता और मेहनत के आधार पर नहीं, बल्कि चंद लोगों की खुशामद के आधार पर लिए जा रहे हैं। पार्टी में भ्र्ष्ट, चापलूस, बेगैरत लोग किसी को आगे आने नहीं देते। मेरे जैसे लोग आगे नहीं आए तो सियासत बिकाऊ लोगों के हाथ रह जायेगी
विधायक की पत्नी के इस बयान को पार्टी के भीतर असंतोष की खुली अभिव्यक्ति माना जा रहा है। राजनीतिक गलियारों में इसे आने वाले समय में अंदरूनी कलह और नेतृत्व पर दबाव बढ़ने के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
हालांकि पार्टी की ओर से अभी तक इस बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन इतना तय है कि यह बयान संगठन के लिए असहज स्थिति पैदा कर गया है।

