भारतीय सेना के लेफ्टिनेंट जनरल के साथ पंजाब पुलिस की बदसलूकी
जानबूझकर कार को टक्कर मारी, सेना अधिकारी की गाड़ी महज तीन सेकेंड ट्रेफिक में फंसी
डीजीपी यादव ने जारी किए सख्त
नरेश भारद्वाज
जालंधर। सेना के लेफ्टिनेंट जनरल डीएस हुड्डा की कार को पंजाब पुलिस की लाल बत्ती वाली वीआईपी सिक्योरिटी जिप्सी ने जानबूझकर साइड से टक्कर मारी और जिप्सी भगा ली। वीआईपी भी सरकारी गाड़ी में सवार था। घटना के बारे में लेफ्टिनेंट जनरल हुड्डा ने बताया शाम 4 बजे, मैं अपनी पत्नी के साथ ज़ीरकपुर फ्लाईओवर पर गाड़ी चला रहा था। पंजाब पुलिस की दो जीपें, एक वीआईपी को अंबाला की ओर ले जा रही थीं, सायरन बजाती हुई पीछे से आईं। मैंने पहली गाड़ी को निकलने देने के लिए गाड़ी धीमी की, लेकिन भारी ट्रैफ़िक के कारण वीआईपी गाड़ी को निकलने में शायद तीन सेकंड ज़्यादा लग गए। गुस्से में, पीछे वाली एस्कॉर्ट जीप ने बाईं ओर से ओवरटेक करते हुए, जानबूझकर तेज़ी से दाईं ओर मुड़कर मेरी गाड़ी के अगले हिस्से को टक्कर मारी और फिर तेज़ी से भाग गई। यह साफ़ तौर पर एक जानबूझकर की गई कार्रवाई थी, जिससे न सिर्फ़ गाड़ी क्षतिग्रस्त हुई, बल्कि भीड़-भाड़ वाली सड़क पर हमारी निजी सुरक्षा की भी कोई परवाह नहीं की गई। क़ानून के रक्षक माने जाने वाले व्यक्ति का अहंकार और दंड से मुक्ति, संगठन की वर्दी और प्रतिष्ठा को कलंकित करती है।
वहीं डीजीपी गौरव यादव ने तत्काल एक्शन करते हुए एडीजीपी ट्रैफिक को सख्त आदेश दिए है।डीजीपी यादव ने लेफ्टिनेंट हुड्डा को कहा कि इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना के कारण आपको और आपकी पत्नी को हुई परेशानी और चिंता के लिए हमें गहरा खेद है। यदि ऐसा व्यवहार सिद्ध हो जाता है, तो यह पूरी तरह से अस्वीकार्य है और पंजाब पुलिस के व्यावसायिकता और जनसेवा के मूल्यों के विपरीत है।
मैंने व्यक्तिगत रूप से विशेष पुलिस महानिदेशक यातायात एएस राय से इस मामले पर चर्चा की है और संबंधित वाहनों और कर्मियों की पहचान करने के निर्देश दिए गए हैं। कृपया आश्वस्त रहें कि मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए उचित कार्रवाई की जाएगी।

