नरेश भारद्वाज
जालंधर। पंजाब की सियासत में चुनावी पारा जरूर तरनतारन में हाई है लेकिन उसकी गर्मी जालंधर में भी कम नहीं। आम आदमी पार्टी के प्रधान अमन अरोड़ा के इस बयान ने जहां नितिन कोहली के लिए मुसीबत खड़ी कर दी है वहीं विधायक रमन अरोड़ा को ऑक्सीजन दे दी है। अमन अरोड़ा ने कहा कि अगर कोई विधायक रमन अरोड़ा के पास काम के लिए जाता है तो इसमें दिक्कत क्या है ? लोगों का काम होना चाहिए। जहां से काम होता है तो लोग वहीं जाते हैं। पार्टी ने रमन अरोडा को पार्टी से निकाला भी नहीं है। वह बेशक राजनीति तौर पर सक्रिय नहीं है लेकिन धार्मिक तौर पर वह सरगर्म है।
सियासी नजारा शुक्रवार को हुए एक धार्मिक कार्यक्रम में देखने को मिला। जहां एक की विधानसभा के दो प्रतिनिधि एक साथ नजर आए और चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया। बात जालंधर सेंट्रल विधानसभा की सियासत से जुड़ी है और सभी की नजरें भी उसपर हैं।
दरअसल, पंजाब के प्रसिद्ध शक्तिपीठ में आयोजन था जिसमें आम आदमी पार्टी द्वारा लगाए विधानसभा प्रभारी नितिन कोहली भी पहुंचे और उससे पहले विधायक रमन अरोड़ा की एंट्री हो गई। यह दूसरा मौका है जब भ्रष्टाचार के केस में जमानत पर चल रहे विधायक रमन अरोड़ा किसी बड़े कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे थे। जब वहां आम आदमी पार्टी की लीडरशिप, जिसमें पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया, पंजाब प्रधान और मंत्री अमन अरोड़ा, विधानसभा स्पीकर कुलतार सिंह संधवा सहित कई मंच पर नेता मौजूद थे। मंदिर कमेटी ने सभी का स्वागत किया, लेकिन सबसे चौंकाने वाली बात थी कि विधानसभा प्रभारी और विधायक दोनों में हाथ तो छोड़ो नज़रें भी नहीं मिलाई। यह पहला मौका था जब सियासी उठा पटक के बीच दोनों आमने-सामने थे। कभी चुनाव में साथ चलने वाले लोकसभा प्रभारी और पार्षद अश्विनी अग्रवाल विधायक रमन अरोड़ा के बगल में ही बैठे थे लेकिन हेलो हाय तक नहीं हुई।
विधायक रमन अरोड़ा के सार्वजनिक मंचों पर नजर आने के बाद पार्टी असमंजस में हैं और सवालों के जबाव भी सीधे नहीं निकल रहे। जिसमें आप के पंजाब प्रधान और कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने एक सवाल का जबाव भी उसी तरह दिया। विधायक अरोड़ा आम आदमी पार्टी के गले की वो फांस बन गए जिसे न निगल पा रहे हैं और न उगल पा रहे हैं। विधायक अरोड़ा का यू सार्वजनिक मंचों पर पहुंचना कई नेताओं के गले नहीं उतर रहा, जिसकी सिकन शुक्रवार को प्रोग्राम के दौरान माथे पर साफ दिखी। पार्टी चुनाव करवाने के मूड में है पर विधायक अरोड़ा इस्तीफा नहीं दे रहे और भ्रष्टाचार के आरोपों के बावजूद आप उन्हें निकाल नहीं पा रही।
लोगों के काम होने से मतलब है, जिसके जहां होते हैं वहां जाएं: मंत्री अमन अरोड़ा
एक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे पंजाब प्रधान और कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा से जब जालंधर सेंट्रल की सियासत और लोगों के कामों को लेकर सवाल किया तो जबाव भी गोलमोल ही था। मंत्री अरोड़ा ने कहा कि जरूरी नहीं कि नेता ही काम करवा सकते हैं जालंधर में प्रशासनिक अधिकारी बैठे हुए हैं उनके पास भी जा सकते हैं। सरकार है, मंत्री हैं फिर लोगों पर निर्भर करता है कि कौन नेता उनके काम करवा सकता है उसके पास जाएं। हम किसी को किसी के पास जाने से रोक नहीं रहे हैं और न रोकेंगे।
उन्होंने इस दौरान सेंट्रल विधानसभा प्रभारी कोहली और विधायक अरोड़ा किसी का भी नाम नहीं लिया, जिसने कई सियासी सवाल खड़े कर दिए हैं।

