नरेश भारद्वाज
पंजाब सरकार ने मोगा की अतिरिक्त उपायुक्त चारूमिता (पीसीएस) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई राष्ट्रीय राजमार्ग-703 परियोजना से जुड़े 3.7 करोड़ रुपये के भूमि अधिग्रहण घोटाले के आरोपों के बाद की गई है। पर्सनल विभाग (पीसीएस शाखा) द्वारा राज्यपाल के आदेश पर जारी अधिसूचना के अनुसार, 2014 बैच की पीसीएस अधिकारी चारूमिता को पंजाब सिविल सर्विसेज (सज़ा और अपील) नियम, 1970 के नियम 4(1)(a) के तहत निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय चंडीगढ़ रहेगा और उन्हें सेवा नियमों के अनुसार भत्ता दिया जाएगा। यह कार्रवाई तब हुई जब लोक निर्माण विभाग ने चारूमिता के खिलाफ चार्जशीट जारी की और विजिलेंस ब्यूरो से इस पूरे मामले की जांच करने को कहा।
दरअसल विवाद उस भूमि को लेकर है जो 1963 में लोक निर्माण विभाग फिरोजपुर द्वारा सड़क निर्माण के लिए अधिग्रहण किया था और जो पिछले पांच दशकों से लगातार सार्वजनिक उपयोग में थी। इसके बावजूद, 2022 में इस भूमि को व्यावसायिक उपयोग (Change of Land Use – CLU) के लिए स्वीकृति दे दी गई, जबकि यह हिस्सा अब भी एक सक्रिय सड़क का भाग था।
2014 में राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम, 1956 के तहत इस सड़क का चौड़ीकरण किया गया और भूमि को “दोबारा अधिग्रहीत” दिखाया गया। बाद में 2019 में 3.7 करोड़ रुपये का मुआवज़ा नई अधिग्रहित भूमि के रूप में जारी कर दिया गया, जबकि इसकी मूल रिकॉर्ड 1963 से ही सरकारी उपयोग में थी। गड़बड़ी तब सामने आई जब मुआवज़ा प्राप्तकर्ता ने पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल कर मुआवज़े की राशि बढ़ाने की मांग की। कोर्ट के नोटिस के जवाब में यह पाया गया कि 1963 के मूल अधिग्रहण रिकॉर्ड गायब हैं, जिससे पूरे अधिग्रहण और स्वीकृति प्रक्रिया पर सवाल उठे।

नरेश भारद्वाज