जालंधर, 12 अगस्त 2025 —
आम आदमी पार्टी सरकार की लापरवाही ने पंजाब को प्रशासनिक संकट में धकेल दिया है। राज्य के तीन अहम क्षेत्रों पशु चिकित्सक, बिजली कर्मचारी और मिड-डे मील के वर्कर इन दिनों गंभीर हड़तालों से जूझ रहे हैं, लेकिन सरकार पूरी तरह मूकदर्शक बनी हुई है। परगट सिंह ने तीनों क्षेत्रों की मांगों पर तत्काल वार्ता, न्यायपूर्ण समाधान और स्पष्ट समयसीमा की मांग की।
पदमश्री परगट सिंह, एआईसीसी सचिव और विधायक परगट सिंह ने कहा कि हज़ारों पशु चिकित्सक हड़ताल पर हैं, जिससे पशुपालन और किसानों की आजीविका खतरे में पड़ गई है। बिजली कर्मचारी अपने हक़ के लिए आंदोलन कर रहे हैं, जिससे कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित है। वहीं, मिड-डे मील वर्कर जो लाखों बच्चों को स्कूल में पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराते हैं, उचित वेतन और नौकरी की सुरक्षा के लिए धरनों पर बैठे हैं।
पदमश्री परगट सिंह ने कहा कि जब फ्रंटलाइन वर्कर अपने अधिकारों के लिए सड़कों पर उतरने को मजबूर हों, तो यह इस सरकार की नाकामी का सबसे बड़ा सबूत है। मुख्यमंत्री रिबन काटने और फोटो खिंचवाने में व्यस्त हैं, जबकि पंजाब की बुनियादी ज़रूरतें अधर में लटकी हैं। उनकी मांगों को गंभीरता से लेते हुए तुरंत हल निकला जाना चाहिए। ताकि न वर्करों को सड़कों पर उतर कर हड़ताल करनी चाहिए और न ही आम लोग परेशान हों।

