नरेश भारद्वाज
जालंधर।
विधायक रमन अरोड़ा ने इस्तीफा नहीं दिया और न ही आप ने उनको पार्टी से निकाला। अब यह बात तो नितिन कोहली के लिए मुसीबत बनती जा रही है। विधायक रमन अरोड़ा जेल से बाहर आ चुके हैं। बेशक वह राजनीतिक तौर पर बिलकुल अपनी दुकान बंद कर बैठे हैं और उनकी हट्टी जिमखाना क्लब के चाणक्य नितिन कोहली ने संभाल ली है लेकिन विधायक अरोड़ा ने अब धर्म के जरिए फिर से जनता के बीच जाना शुरू कर दिया है। मंदिर में सुरीली आवाज में भजन गाने शुरू कर दिये हैं और उनके पुराने साथी उनके साथ फिर से आने लगे हैं। यह नितिन कोहली के लिए खतरे की घंटी है क्योंकि मंदिर की घंटी की आवाज के आगे सारी आवाज धीमी रह जाती है।
रमन ने जब राजनीति में कदम रखा था और उसकी शुरूआत बाजार शेखा के मंदिर यानी धर्म व भजन गायन से ही की थी। उनकी भजन गायन की आवाज के जादू ने जिमखाना की डीजे की धुनों को दबा दिया था। रमन को जेल जाना पड़ा तो उनके पीछे उनके हलके के इंचार्ज जिमखाना के चाणक्य व रॉयल उद्योगपति नितिन कोहली ने कमांड संभाल ली। नितिन कोहली अभी अपने फाइव स्टार कल्चर को खत्म करने में कामयाब नहीं हुए थे कि रमन अरोड़ा की जेल से रिहाई हो गयी। रमन अरोड़ा ने विधायक के पद से इस्तीफा भी नहीं दिया और पार्टी ने उनको सस्पेंड भी नहीं किया।
रमन अरोड़ा ने बेशक राजनीतिक गतिविधयां बंद कर दी हैं लेकिन भजन गायन में उनको कोई नहीं रोक सकता है। अब विधायक रमन अरोड़ा फिर से सक्रिय हो गए हैं लेकिन अब धार्मिक कार्यक्रमों में। हालांकि वह सामाजिक दुख सुख में भी सांझा करते दिखाई दे रहे हैं। चर्चा शुरू हो गयी है कि जिमखाना के चाणाक्य व रायल उद्योगपित नितिन कोहली अब क्या करेंगे ?

