जालंधर। शहर की सड़कों पर चली गोलियों की आवाज ने सिर्फ इलाके की खामोशी ही नहीं तोड़ी, बल्कि पुलिस महकमे की नींद भी उड़ा दी। मोता सिंह नगर स्थित वर्दान आईवीएफ सेंटर के बाहर बीती रात हुई फायरिंग की घटना ने प्रशासनिक जवाबदेही पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
सीसीटीवी फुटेज में साफ दिखाई दे रहा है कि हेलमेट पहने एक बाइक सवार युवक अस्पताल के नजदीक रुकता है, घर के बाहर आता है और लगातार चार फायर करता है। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो जाता है। बताया जा रहा है कि निशाना अस्पताल से जुड़े डॉक्टर के घर को बनाया गया।
घटना के बाद सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए एसपी मॉडल टाउन परमिंदर मंड और थाना नंबर 6 के एसएचओ रविंद्र को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई साफ संकेत है कि बढ़ते अपराधों पर अब लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है। सवाल यह भी उठ रहे हैं कि आखिर शहर के पॉश इलाके में इस तरह की वारदात कैसे हो गई और सुरक्षा व्यवस्था कहां चूक गई?
फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आरोपी की तलाश में दबिशें दी जा रही हैं। जांच एजेंसियां सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर हमलावर तक पहुंचने की कोशिश में जुटी हैं।
जालंधर की कानून-व्यवस्था पर यह घटना एक और बड़ा सवाल बनकर खड़ी है — क्या शहर सुरक्षित है?

