नरेश भारद्वाज
जालंधर। शहर के प्रतिष्ठित सर्वोदय अस्पताल से जुड़े चार चिकित्सकों के खिलाफ केस दर्ज करने के आदेश ने चिकित्सा जगत में हलचल मचा दी है। जालंधर की अदालत ने नवी बारादरी थाना पुलिस को निर्देश दिए हैं कि आरोपित डॉक्टरों के विरुद्ध विभिन्न आपराधिक धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की जाए। इनमें डॉक्टर राजेश अग्रवाल भी शामिल हैं जो किडनी ख़रीदो फरोख्त के केस में फंस चुका है। डॉ. अग्रवाल विवादित किडनी ट्रांसप्लांट केस में नामजद थे — पुलिस ने आरोप लगाया कि ट्रांसप्लांट नियमों का उल्लंघन या गलत तरीके से किये गये दस्तावेज़ों के आधार पर कुछ ऑपरेशन हुए थे, और इसी मामले में वे शामिल बताये गये थे।
यह आदेश शिकायतकर्ता डॉ. पंकज त्रिवेदी की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई के बाद जारी किया गया। याचिका में आरोप लगाया गया कि सर्वोदय अस्पताल की साझेदारी और वित्तीय लेन-देन में गंभीर अनियमितताएं की गईं और शिकायतकर्ता के साथ धोखाधड़ी की गई।
इन डॉक्टरों के खिलाफ आदेश
अदालत के निर्देशानुसार जिन चार चिकित्सकों पर केस दर्ज होगा, उनमें
• डॉ. कपिल गुप्ता
• डॉ. राजेश अग्रवाल
• डॉ. संजय मित्तल
• डॉ. अनवर इब्राहिम खान
शामिल हैं।
किन धाराओं में केस
अदालत ने पुलिस को आईपीसी की धारा 420 (धोखाधड़ी), 465, 467, 468, 471 और 477 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
अदालत की टिप्पणी
न्यायालय ने कहा कि याचिका में लगाए गए आरोप प्रथम दृष्टया गंभीर प्रकृति के हैं और इनकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है। ऐसे मामलों में पुलिस जांच के बिना सच्चाई सामने नहीं आ सकती।
आगे की कार्रवाई
कोर्ट के आदेश के बाद अब पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज कर विस्तृत जांच की जाएगी। जांच के दौरान अस्पताल के वित्तीय रिकॉर्ड, साझेदारी दस्तावेज़ और लेन-देन से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल होगी।

