जालंधर,
लाडोवाली रोड स्थित संत नगर में एक अवैध बिल्डिंग पर नगर निगम बहुत मेहरबान है। बार-बार बिल्डिंग की सील करवाया जाता है और फिर बार-बार वो अवैध बिल्डिंग की सील दोबारा खुल जाती है। इतना ही नहीं कई बार सील की गई इस अवैध बिल्डिंग पर दो बार डिच मशीन तक चलाई गई। नगर निगम अफसर दावा कर रहे हैं कि उन्होंने सील नहीं खोली है, जिसके बाद निगम की कार्रवाई सवालों के घेरे में आ गई है।
इलाके के लोगों का आरोप है कि कार्रवाई करने के बावजूद अवैध निर्माण कार्य दोबारा शुरू हो गया है। अवैध निर्माण के संबंध में नगर निगम आयुक्त, डीसी कार्यालय तथा अन्य संबंधित अधिकारियों को लगातार शिकायतें दी गई थीं। शिकायतों के बाद नगर निगम ने बिल्डिंग को सील किया और दो बार अवैध हिस्से को ध्वस्त करने की कार्रवाई भी की। इसके बावजूद भवन का निर्माण फिर शुरू हो गया और सील लगी बिल्डिंग भी दोबारा खुल गई।
लोगों का कहना है कि यदि बिल्डिंग को आधिकारिक रूप से सील किया गया था, तो वह दोबारा कैसे खुल गई। उनका सवाल है कि यदि सील तोड़ी गई है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ अब तक क्या कानूनी कार्रवाई हुई और यदि सील प्रशासन की अनुमति से हटाई गई है तो इसके लिए जिम्मेदार कौन है।
इलाका निवासियों ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराने, सील तोड़ने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने, किसी अधिकारी की लापरवाही या मिलीभगत सामने आने पर उसके विरुद्ध कार्रवाई करने तथा बिल्डिंग को दोबारा सील कर निर्माण कार्य तत्काल बंद कराने की मांग की है।
उन्होंने कहा कि कानून सभी के लिए समान होना चाहिए। उनका मानना है कि यदि सीलिंग जैसी प्रशासनिक कार्रवाई बार-बार निष्प्रभावी होती रहे और अवैध निर्माण जारी रहा तो लोग सड़कों पर उतर कर नगर निगम के खिलाफ प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।

