जालंधर।पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा बंगा के पास एक धार्मिक स्थल से श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के 169 पावन स्वरूप बरामद होने के दावे को गुरुद्वारा श्री नाभ कंवल राजा साहिब, बंगा के प्रबंधकों ने सिरे से खारिज किया है। गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने इस दावे को भ्रामक और तथ्यहीन बताया है।
बंगा स्थित गुरुद्वारा श्री नाभ कंवल राजा साहिब के प्रबंधकों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर लापता पावन स्वरूपों के मामले में कई अहम खुलासे किए। इस दौरान कमेटी सदस्य अमरीक सिंह बल्लोवाल ने सवाल उठाया कि मुख्यमंत्री को यह अधिकार किसने दिया कि वे गुरुद्वारे आकर गुरु साहिब का हिसाब पूछें। उन्होंने कहा कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी पूरे समाज के गुरु हैं, न कि किसी सरकार के अधीन।
अमरीक सिंह ने कहा कि 328 लापता स्वरूपों का मामला वर्ष 2014 से 2019 के बीच का है, जिनमें से 30 स्वरूप एक डेरे को दिए गए थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि गुरुद्वारा प्रबंधन को इन 328 स्वरूपों की जानकारी पहले से थी।
उन्होंने बताया कि जिन 169 स्वरूपों की बात की जा रही है, उनमें से 107 पावन स्वरूप SGPC द्वारा प्रकाशित हैं, जो 1978 से 2012 के बीच छापे गए थे। इसके अलावा 62 स्वरूप मल्टी प्रिंटिंग प्रेस से प्रकाशित पाए गए हैं। वर्ष 1978 से 2012 के बीच कुल 79 स्वरूप प्रकाशित किए गए थे, जबकि 30 बीर स्वरूपों को गोइंदवाल साहिब में जमा करवाया गया है।

